प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना | Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana

By | November 7, 2019

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 25 दिसम्बर 2000 को की गयी थी इस योजना का मुख्य उदेश्य ग्रामीण इलाकों में 500 या इससे अधिक और पहाड़ी व रेगिस्तानी क्षेत्रो में 250 से अधिक आबादी वाले गावो के मार्गो को बारहमासी सड़को से जोड़ना है इस योजना का नाम अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के वकत से ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना है |

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना | Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana:-

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

 

PMGSY निर्माण के अंतर्गत 2009 तक समयबद्ध तरीके से, मेदनी क्षेत्रों में इलाकों में 500 या इससे अधिक और पहाड़ी व रेगिस्तानी क्षेत्रो में 250 से अधिक आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है | इस योजना में अभी तक कुल 605,768 किलोमीटर की सडको का निर्माण किया जा चूका है और बाकि किया जा रहा है तथा इसके साथ ही कुल 171,256 कामो को पूरा किया गया है | 18,562 कुल काम अभी चल रहे है अर्थात 18,562 कुल कम को पूरा किया जा रहा है और आज तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कुल 111,502 शिकायतें देश के नागरिको द्वारा दर्ज करवाई जा चुकी है इस योजना को पूरा करने में लगभग 80,250 करोड़ रूपये के निवेश की आवश्यकता होगी |

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रमुख बिंदु:-

  • सड़क योजना केंद्र प्रायोजित है जिसे लागू व संचालन करने की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों को दी गयी है
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के तीसरे चरण में सभी सडको का नेटवर्क स्थापित करके रिहायशी क्षेत्रों को कृषि बाजारों, उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों तथा अस्‍पतालों को प्रमुख संपर्क सड़कों से जोड़ा जाएगा।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कुल 1,25,000 किलोमीटर लम्बी सड़के बनाई जाएगी जिनकी लगभग लागत 80,250 करोड़ रूपये हो सकती है |
  • इस योजना से कृषि बाजारों, उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालयों तथा अस्‍पतालों में जाने से नागरिको के समय की बचत होगी तथा अधिक तीजी से पहुचा जा सकता है |
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सभी सडको का रख-रखाव ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों दोनों मिलके करेगी|

वित्तीय हिस्सेदारी:-

  • इस योजना को पूरा करने में लगभग 80,250 करोड़ रूपये के निवेश की आवश्यकता होगी जिसमे से केंद्र सरकार का हिस्सा 53,800 करोड़ रूपये का तथा राज्य सरकार का होस्सा 26,450 करोड़ रूपये का होगा|
  • केंद्र एवं राज्‍यों के बीच निधियों की हिस्‍सेदारी क्रमश 60:40 के अनुपात में की जाएगी |
  • लेकिन 8 पूर्वोत्‍तर राज्‍यों तथा 3 हिमालयी राज्‍यों (जम्‍मू और कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्‍तराखंड) में यही हिस्‍सेदारी 90:10 के अनुपात में होगी।

योजना का क्रियान्‍वयन:-

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों द्वारा संचालित की जाने वाली PMGSY-III की अवधि 2019-2020 से 2024-2025 तक निर्धारित की गई है।
  • इस योजना में बनाई जाने वाली सडको का चयन आबादी, बाजार, शैक्षणिक तथा चिकित्‍सा सुविधाओं आदि मनको के आधार अंको को निर्धारित अंको से मिलान के बाद किया जायेगा|

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